जानिए क्या है कोरोनावायरस लक्षण और उपचार 

India Coronavirus Count Update on Wednesday, 8 April 2020 

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दुनिया के नकशे पर उभरी एक नई महामारी जिस का नाम है कोरोना (कोरोना वायरस)। जिस ने देखते ही देखते पुरे विशव को अपनी चपेट में ले लिए और लोगौ को मौत के मुँह में धकेल दिया। लोगों ने पहले तो इस वायरस को आम समझा मगर जब इस का भयानक प्राकोप शुरू हुआ तो यह विश्व के हर छोटे-बड़े देश में पहुँच गया और इस का संक्रामन बहुत तेजी से फैलने लगा। इसी संक्रमन के जाल में जो भी इंसान एक बार आ गया वह इस कोरोना वायरस से पीड़ित हो गया और उस इंसान से दुसरे, तीसरे, चैथे इंसानों की बड़ी कतारे खड़ी हो गई और लोगो को जान के लाले पडने लगे।

कोरोना वायरस, लक्षण और बचाव
कोरोना वायरस, लक्षण और बचाव


कोरोना वायरस कहाँ से आया और इस का अंत कब होगा अभी कुछ पता नहीं। इस का केंदर बिन्दु कहाँ रहा, इस बारे में भी कुछ खास नहीं कहा जा सकता, मगर इतना जरूर कहा जा सकता है कि इस कोरोना वायरस ने चीन के लोगो को अपनी चपेट में लेना शुरू किया और इस के साथ ही यह तेजी से एशिया में अपने पैर पसारने लगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि पूरे एशिया में फैलने वाला घातक नया वायरस है। इस के बारे में जितना समझा गया था यह उससे कहीं ज्यादा संक्रामक है। जो भी व्यक्ति इस वायरस की चपेट में एक बार आ गया वह इसे सिर्फ एक साधारण खांसी या छींक के साथ एक जगह से दुसरी जगह फैला सकता है।
कोरोना वायरस कया है ?

हर कोई कोरोना वायरस ही कह रहा है मगर यह है क्या ? इस के बारे में जानने के लिए हमें सब से पहले यह जानना होगा कि यह एक तरह की लाग की बिमारी है जो इंसान से इंसान में या उस के संक्रमिक लोगों से या उन के संम्पर्क में आने वाली हर चीज से किसी दुसरे इंसान तक पहुँच सकती है। कोरोना वायरस एक ऐसा वायरस है जो जानवरों और इंसानों को बीमार कर सकता है।  जिसका मतलब यह है कि यह एक शरीर के अंदर कोशिकाओं में टूट जाता है और उनका उपयोग खुद को पुनः उत्पन्न करने के लिए करता है। इस तरह का कोरोना वायरस पहले कभी नहीं देखा गया।

एक्सपर्ट्स की मानें तो कोरोना वायरस एक ऐसे वायरस के परिवार से आता है जो मनुष्यों, मवेशियों, सूअरों, मुर्गियों, कुत्तों, बिल्लियों और जंगली जानवरों को को संक्रमित करता है मगर इसके बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। जब तक इस नए कोरोना वायरस की पहचान नहीं हुई, तब तक मनुष्यों को संक्रमित करने के लिए केवल छह अलग-अलग कोरोना वायरस थे। इनमें से चार एक हल्के आम सर्दी की बीमारी का कारण बनते थे। हालांकि, 2002 के बाद से दो नए कोरोना वायरस आए हैं जो मनुष्यों को संक्रमित कर उन्हें गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, यह वाइरस सी-फूड से जुड़ा हो सकता है और इसकी शुरुआत चाइना के हुवेई प्रांत के वुहान शहर के एक सी-फूड बाजार से जुडी कह सकते है पर इस के बारे कोइ पुखता जानकारी नहीं है। कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है और इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। यह वायरस ऊंट, बिल्ली और चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। डब्ल्यूएचओ ने इस बात का अंदेशा भी जताया है कि यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है। ये बीमारी सिर्फ खांसी और छींक के जरिए लोगों में फैल सकती है, इसका मतलब ये वायरस बेहद आसानी से किसी को भी संक्रामित कर सकता है। इसके अलावा यह लार के जरिए निकट संपर्क, चुंबन या फिर बर्तन शेयर करने से भी फैल सकता है। क्योंकि यह फेफड़ों को संक्रमित करता है, इसलिए खांसते वक्त मुंह से निकले वाली बूंदें भी सामने मौजूद व्यक्ति को संक्रमित कर सकती हैं। इसके बाद ये तेजी से दुनिया भर के 199 से अधिक देशों में फैला और विश्व स्वास्थ्य संगठन को इसे महामारी घोषित करना पड़ा. कोरोना वायरस, इंसानों में कोविड 19 नाम की एक बीमारी देता है। हालांकि इसके शुरुआती लक्षण बेहद मामूली होते हैं लेकिन इससे लोगों की जान भी जा सकती है।

कोरोना वायरस का इलाज 

इस वक्त कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है। एंटीबायोटिक दवाएं वायरस से नहीं लड़तीं, इसलिए इनका उपयोग व्यर्थ है। हालांकि, एंटीवायरल ड्रग्स काम आ सकते हैं, लेकिन नए वायरस को समझने और उसका समाधान निकालने में कई साल लग जाते हैं। अभी तक कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए कोई वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है। इस वायरस के इलाज के लिए वैक्सीन बनाने का काम वैज्ञानिक कर रहे हैं।

कोरोना वायरस से रोकथाम और उपचार ?

1. जब भी कहीं बाहर से आएं, किसी से हाथ मिलाएं या किसी के नज़दीक जाएं तो फौरन हाथों को हैंड वॉश, साबुन से धोएं ।

2. कोशिश करें कि हाथ न मिलाएं, किसी के नज़दीक न जाएं । 

3. अगर छीकें या खांसी आ रही है तो मास्क लगाना अनिवार्य है ।

4. हाथों से नमस्ते करें, चाहकर भी हाथ मिलाने से बचें । 

5. किसी भी प्रकार की भीड़ में जानें से बचें । 


बार-बार हाथ धोएं

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सामाजिक दूरी बनाए रखें

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आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें

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कोरोना वायरस से पीड़ित होने के ये हैं लक्षण

1. इस वायरस से संक्रमित होने के कम से कम 14 दिनों बाद इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं।

2. कोरोना वायरस के मरीजों में आमतौर पर जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखाई देते हैं।

 अधिकतर लोगों में जो लक्षण दिखाई देते हैं वो मामूली होते हैं. कहा जा सकता है कि संक्रमित लोगों में से दस में से आठ में ये लक्षण बेहद मामूली होते हैं, और ये लक्षण बुखार और खांसी होते हैं. बदन दर्द, गले में खराश और सिर दर्द भी हो सकता है। आपके शरीर का इम्युन सिस्टम वायरस से लड़ने की कोशिश करता है।

आपका शरीर वायरस को एक विदेशी हमलावर की तरह देखता है और पूरे शरीर को संकेत देता है कि शरीर पर हमला हुआ है. इसके बाद वो वायरस को खत्म करने के लिए साइटोकाइन नाम का केमिकल छोड़ना शुरू करता है।

शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति पूरे जोर से हमले का जवाब देने में जुट जाती है और इस कारण आपको बदन दर्द और बुखार भी हो सकता है।

कोरोना वायरस के कारण होने वाली खांसी अमूमन सूखी खांसी होती है जिसमें बलगम नहीं आता. लेकिन कभी-कभी ये मामला खराश तक भी सीमित हो सकता है।

कोरोना वायरस (कोबिड-19) अब तक 199 से ज्यादा देशों में पहुंच गया है. इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 82,114 हो गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। दुनिया भर की सरकारें कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक करने पर ध्यान दे रही हैं. जानकारों का कहना है इसके संक्रमण को फैलने से रोककर ही इसे काबू में किया जा सकता है। इसके लक्षणों को पहचानकर ही कोरोना वायरस की बेहतर तरीके से रोकथाम की जा सकती है।

भारत में संक्रमण के 5,356 मामले सामने आए है। भारत में कोरोना से संक्रमण के मामलों की संख्या जहाँ बडी है।  कोरोना ने अब तक 199 देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। केरल में 26 लोगों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। पंजाब, महाराष्ट्र में इस से पीडित लोगो ने डाकटरी सहायता के लिए पहुँच की है। हालांकि, इनमें से 3 लोगों का इलाज हो चुका है। पंजाब प्रांत में इस से जहाँ एक व्यक्ति की मौत हो गई है वहीं भारत में अलग अलग जगह 3 और लोगों को मौत ने अपने आगोश में ले लिए है।

कोरोना वायरस (कोबिड-19) के बारे में फरवरी के अंत में डॉ. टेडरोज  ने कहा था कि कोरोना वायरस में महामारी बनने की क्षमता है लेकिन अभी ये महामारी नहीं है क्योंकि हम दुनिया भर में इसका अनियंत्रित विस्तार नहीं देख रहे हैं। लेकिन अब उन देशों की संख्या बढ़ गई है जिनमें कोरोना के मामले सामने आए हैं. ताजा आंकड़ों के मुताबिक 199 देशों में अब तक 1,432,361 मामले सामने आए हैं।




कोरोना महामारी के चार चरण

आईसीएमआर के अनुसार कोरोना वायरस फैलने के चार चरण हैं.

1. पहले चरण में वे लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए जो दूसरे देश से संक्रमित होकर भारत में आए.
यह स्टेज भारत पार कर चुका है क्योंकि ऐसे लोगों से भारत में स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैल चुका है.

2. दूसरे चरण में स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलता है, लेकिन ये वे लोग होते हैं जो किसी ना किसी ऐसे संक्रमित शख्स के संपर्क में आए जो विदेश यात्रा करके लौटे थे।

3. तीसरा चरण और थोड़ा खतरनाक स्तर है ‘कम्युनिटी ट्रांसमिशन‘ का, जिसे लेकर भारत सरकार चिंतित है.

कम्युनिटी ट्रांसमिशन तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी ज्ञात संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए बिना या वायरस से संक्रमित देश की यात्रा किए बिना ही इसका शिकार हो जाता है.

पिछले दो सप्ताह में जितनी बार भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस वार्ता की है, उसमें इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि भारत में अभी तीसरा चरण नहीं आया है।

4. चैथा चरण होता है, जब संक्रमण स्थानीय स्तर पर महामारी का रूप ले लेता है.

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तीसरे चरण यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन से निपटने के लिए कितना तैयार है भारत?

कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कर चुका है। जब ये बीमारी चीन तक ही सीमित थी, तब ही रिजनल डायरेक्ट, साउथ इस्ट एशिया, पूनम खेत्रपाल सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री को तीन चिट्ठियों के जरिए आगाह किया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिट्ठी में कोरोना से निपटने के लिए क्या जरूरी कदम हर देश को उठाने चाहिए उसका भी जिक्र किया था। उसी दिशा निर्देश का पालन करते हुए भारत सरकार के ना सिर्फ स्वास्थ्य मंत्रालय ने काम शुरू किया बल्कि केन्द्र सरकार ने इसके लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का भी गठन किया। तीसरे चरण में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या इतनी बढ़ जाएगी कि भारत के पास जितने लैब हैं उनमें सभी लोगों के टेस्ट पूरे नहीं किए जा सकते। फिलहाल भारत सरकार के अनुसार देश में 70 से ज्यादा टेस्टिंग यूनिट हैं जो आईसीएमआर के अंतर्गत काम कर रहे हैं.

आईसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव के मुताबिक इस हफ्ते के अंत तक करीब 50 और सरकारी लैब कोविड-19 की जाँच के लिए शुरू होंगे. कोविड-19 की जाँच के लिए भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से करीब दस लाख किट और माँगी हैं।

आईसीएमआर ने यह भी दावा किया है कि 23 मार्च तक भारत में दो ऐसे लैब तैयार हो जाएंगे जहाँ 3000 टेस्ट रोज हो सकेंगे. इससे तीन घंटे के भीतर कोविड-19 की जाँच की जा सकेगी। इस तरह की कुछ अन्य मशीनें भी भारत सरकार ने विदेश से मंगवाई हैं. अमरीका और जापान के पास इस तरह की मशीने हैं जिनसे एक घंटे में कोविड-19 की जाँच की जा सकती है।

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प्राइवेट लैब की तैयारी
भारत अगर कोरोना संक्रमण के तीसरे चरण में पहुंचता है तो ऐसा माना जा रहा है कि इस स्थिति से निपटने के लिए प्राइवेट लैब में भी कोरोना के जांच की जरूरत पड़ेगी.

आईसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव के मुताबिक़ पिछले दिनों प्राइवेट लैब्स ने ऐसी इच्छा जताई है कि वो कोरोना संक्रमण के तीसरे चरण में सरकार के साथ मिल कर काम करना चाहते हैं.

लेकिन इस जांच के लिए किट की उन्हें जरूरत पड़ेगी. जो लैब्स सरकार के साथ संपर्क में हैं उनमें से एक हैं डॉ. अरविंद लाल, लाल पैथ लैब के मालिक उनके मुताबिक सरकार से बातचीत चल रही है कि एक टेस्ट पर कितना खर्च आएगा, प्राइवेट लैब इसके लिए लोगों से पैसा लेगी या सरकार उन्हें इस जांच के लिए मुफ्त में किट मुहैया कराएगी. लेकिन इतना तय है कि सरकार प्राइवेट लैब्स के साथ इस विषय पर बातचीत कर रही है। इस बारे में आईसीएमआर की बातचीत कुछ  सर्टिफाइड लैब के साथ चल रही है. सरकार ने इस बारे में दिशा निर्देश भी जारी किए हैं कि अगर किसी प्राइवेट अस्पताल या लैब में ऐसे संक्रमित व्यक्ति की पहचान होती है तो उसकी रिपोर्ट तुंरत सरकार के रजिस्टर्ड नंबर पर दिया जाए। कोरोनावायरस के खतरे से बचने के लिए लोग मास्क खरीद कर रहे हैं. पर क्या ये कारगर है? फंड की व्यवस्था कोरोना वायरस का संक्रमण लोगों में कितना फैल रहा है, इसके लिए रोजाना सैंकडों की संख्या में संदिग्ध लोगों के टेस्ट कराए जा रहे हैं।

कोरोना संक्रमण पता करने के लिए दो तरह के जांच की जरूरत पड़ती है। पहला बार में जिनका टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव आता है उन्हीं को दूसरे स्तर के लिए जांचा जाता है. दोनों स्तर के जांच के लिए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ एक टेस्ट पर 3000 रुपये का ख़र्च आता है. पहले स्तर के लिए 1500 रुपये तक का खर्च आता है। इसके आलावा हजारों लोगों के टेस्ट पिछले कई दिनों में हो चुके हैं. फिलहाल इसका सारा ख़र्च केंद्र सरकार ही उठा रही है। 

प्रधानमंत्री ने हाल ही में सार्क देशों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जब चर्चा की थी, तो भारत की तरफ से 10 मिलियन डॉलर के कोरोना फंड की शुरूआत की बात भी कही थी।

सरकारी दिशा-निर्देश

चाहे स्कूलों में छुट्टियां करने की बात हो या फिर विदेश जाने और आने पर पाबंदी लगाने की बात हो, समय-समय पर सरकार ने इन सबके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर जानकारी दी और पर्याप्त मात्रा में प्रचार प्रसार भी किया।

सरकार ने प्रचार में बॉलीवुड के स्टार अमिताभ बच्चन को भी उतारा है. खुद स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन रुेंमिींदक चैलेंज में हिस्सा ले रहे हैं और वीडियो भी पोस्ट कर रहे हैं। सरकार की इस तरह की पहल से लोगों में जागरूकता बढ़ी है और लोग सावधानी बरतने लगे है. इतना ही नहीं जब बाजार में सैनिटाइजर और मास्क की कमी की खबरें आई तो सरकार ने तुरंत इसे जरूरी सामान की लिस्ट में डाल दिया ताकि इसकी कालाबाजारी रोकी जा सके। 

कोरोना मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने हेल्प लाइन के साथ-साथ जरूरी टोल फ्री नंबर भी जारी किया है. सोशल डिस्टेंसिंग के लिए किया करें क्या ना करें इस पर गाइडलाइंस जारी किए है। सरकार के मुताबिक वो राज्य सरकारों से लगातार संपर्क में हैं और हर दिन प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया को भी इसके लिए अपडेट कर रही है।

भारत सरकार ने कोरोना वायरस के खतरे को भांपते हुए सबसे पहले स्थिति का जायजा लेने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) बनाया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन की अध्यक्षता में गठित इस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स में शामिल हैं - केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी , केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, जहाजरानी मंत्री मनसुख मंडवाडिया, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, और स्वास्थ्य विभाग के राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चैबे. जीओएम की पहली बैठक 3 फरवरी को पहली बार हुई थी. इस बैठक में सभी संबंधित मंत्रालयों के सचिव भी शामिल हुए।

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